पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार सहित अन्य सभी प्रतिवादी पक्षों को 12 जून के लिए नोटिस जारी
महज 9 महीने की चाहत का वजन लगभग 20 किलो से अधिक हो चुका है। उसके गरीब मां-बाप उसका इलाज करवाने में असमर्थ हैं। समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार सहित अन्य सभी प्रतिवादी पक्षों को 12 जून के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
स्व संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ पीजीआई की कार्यप्रणाली पर कई सवाल भी उठाए हैं। चाहत के माता-पिता अमृतसर में रहते हैं। उसके पिता एक केबल ऑपरेटर की दुकान पर काम करते हैं। चाहत जब पैदा हुई थी, तब उसका वजन महज 2 किलो था, लेकिन धीरे-धीरे उसका वजन बढ़ने लगा और अब महज 9 महीनों में 20 किलो से अधिक की हो गई है।
उसके माता पिता ने पहले अमृतसर के गुरु नानक देव हॉस्पिटल में इलाज करवाने की कोशिश की थी। हॉस्पिटल ने प्रयास तो किए, लेकिन बाद में उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। चाहत के माता-पिता ने बताया कि पीजीआई ने इस मामले में कुछ खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस मामले में कुछ दिन पहले समाचार प्रकाशित हुआ था, जिस पर अब हाईकोर्ट ने संज्ञान ले लिया है।
