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ट्रेन में अकेली सफर कर रहीं महिलाओं के लिए खुशखबरी, अब मिलेगी ये सुविधा

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Train Travell

रेल यातायात को सुदृढ़ करने के साथ-साथ अब रेल मंत्रालय यात्रियों की सुरक्षा के प्रति भी नए कदम उठाने जा रहा है।

दरअसल, अब ट्रेनों में अस्थायी पुलिस चौकियों के स्थापना का निर्णय लिया गया है। जल्द ही इसे अमलीजामा पहना दिया जाएगा। ये चौकियां सभी एक्सप्रेस, सुपरफास्ट समेत लंबी दूरी की ट्रेेेनों में स्थापित होंगी। जिस कोच में पुलिस चौकी बनेगी उसके बाहर एक मोबाइल नंबर होगा। ताकि कोई भी आपराधिक घटना होने पर यात्री तत्काल संपर्क कर सकें।

बता दें कि ट्रेनों में यात्रा के दौरान हो रही आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए साथ ही यात्री महफूज सफर कर सकें, इसके लिए ट्रेन में अस्थाई पुलिस चौकी का निर्माण किया जाएगा। मसलन, यात्री जरूरत पर ट्रेन में ही सीधे शिकायत दर्ज कराने पहुंच सकेंगे। यह व्यवस्था ट्रेन की सुरक्षा में चल रहे सुरक्षाकर्मियों के अतिरिक्त होगी। सब कुछ ठीक रहा तो ट्रेनों के एस-वन कोच में अस्थाई सुरक्षा चौकी अस्तित्व में जल्द आ जाएगी।

क्यों पड़ी जरूरत:

ट्रेनों में अपराध पर अंकुश लगाने को मंत्रालय पहले से गंभीर है। यात्रियों की सुरक्षा को आरपीएफ, जीआरपी के जवान असलहों से लैस होकर चलते हैं। सफर के दौरान 24 कोच की ट्रेनों में सुरक्षाकर्मियों को खोजना मुश्किल होता है। रेलवे बोर्ड प्रत्येक ट्रेन में अस्थाई सुरक्षा चौकी की रणनीति बना रहा है।

एवन बर्थ कोच का 63 नंबर बर्थ

रेल मंत्रालय ने ट्रेनों में एस-वन कोच का 63 नंबर बर्थ सुरक्षाकर्मियों के लिए आरक्षित कर दिया है। इस बर्थ पर एक सुरक्षाकर्मी को ट्रेन के मंजिल तक पहुंचने तक ड्यूटी देनी होगी। मसलन, मुश्किल में यात्री के पहुंचने पर सुरक्षाकर्मी का मिलना तय है।

प्रत्येक ट्रेन में एस-वन कोच की 63 नंबर बर्थ पर प्रतीकात्मक चौकी होगी। ट्रेन के मंजिल को रवाना होने के साथ ही बर्थ पर एक एसआई की ड्यूटी लगा दी लाएगी। उसके पास वायरलेस सेट होगा, जिससे वह जरूरत पड़ने पर सुरक्षा ड्यूटी में चल रहे कर्मियों को काल कर सके। वायरलेस से संदेश मिलने पर जवानों को मोर्चा संभालने में मुश्किल नहीं होगी।

ट्रेन में कई तरह के अपराध होते हैं। जिसमें चोरी, ऊचक्कागिरी, छेड़खानी भी शामिल है। पीड़ित यात्री बच्चों के साथ कहां जाए, क्या करे, उसके लिए बड़ी मुसीबत। नई व्यवस्था से पीड़ित यात्री को सीधे एस-वन कोच के बर्थ नंबर 63 पर पहुंच कर अपनी पीड़ा बतानी होगी।

क्या कहना है जीआरपी एसएचओ राजकुमार का

जीआरपी एसएचओ राजकुमार ने बताया कि यात्रियों के सहूलियत के लिए ट्रेन एक कोच अस्थाई पुलिस चौकी बनाने पर बात चल रही है। यह सुविधा जल्द यात्रियों को मिलेगी।

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