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बादल के मुकाबले कैप्टन ने कम की हैलीकॉप्टर की सवारी

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amarinder singh

पंजाब में वीआईपी कल्चर खत्म करने को लेकर सरकार सीरियस नजर आ रही है जिसके चलते कैप्टन ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के मुकाबले मात्र दस फीसदी ही सरकारी हैलीकॉप्टर का प्रयोग किया है। हैलीकॉप्टर इस्तेमाल करने में राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर कैप्टन से आगे रहे।

अपने चुनाव घोषणा पत्र में कैप्टन सिंह ने वीआइपी कल्चर खत्म करने की बात की थी, उस पर सरकार अपने पहले साल में तो खरी उतरती दिखाई दे रही है, जबकि दूसरी ओर अपने दस साल के कार्यकाल में बादल परिवार ने लगभग 100 करोड़ रुपए हैलीकॉप्टर या किराए पर लिए गए चौपर पर खर्च किए थे। कैप्टन सरकार के समय एक साल में यह राशि एक करोड़ से भी कम खर्च हुई है।

साल 2007 से लेकर 2012 तक चूंकि सरकार के पास अपना हैलीकॉप्टर नहीं था, इसलिए ज्यादातर पैसा किराएपर हैलीकॉप्टर लेकर यात्राएं करने पर खर्च हुआ। इन पांच सालों में सरकार ने 65 करोड़ रुपए खर्च किए। किराए पर हैलीकॉप्टर का प्रयोग तब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उनके बेटे एवं डिप्टी सी.एम. सुखबीर बादल, केंद्रीय फूड एंड प्रोसेसिंग मंत्री हरसिमरत कौर बादल और रेवेन्यू मिनिस्टर बिक्रम सिंह मजीठिया ने किया।

एक सीनियर अधिकारी के अनुसार पूर्व अकाली-भाजपा सरकार के दौरान सरकारी हैलीकॉप्टर साल भर में 450 घंटे उड़ा, जबकि किराए पर लिया हुआ हैलीकॉप्टर 30 घंटे प्रति महीना। मौजूदा सीएम हफ्ते में तीन बार ही हैलीकाप्टर पर गए हैं और ज्यादातर हैलीकॉप्टर का प्रयोग राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाने के लिए या फिर राजस्थान जाने के लिए किया है। राज्य सरकार ने भी प्राइवेट चॉपर किराए पर 24 दिसंबर को उस समय लिया, जब पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को एक सरकारी समारोह में दिल्ली से यहां लाया गया।

नियमों के अनुसार पंजाब के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और डी.जी.पी. सरकारी हैलीकॉप्टर का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा अगर किसी कैबिनेट मंत्री को इसका उपयोग करना है, तो वह सीएम की मंजूरी के साथ ऐसा कर सकते हैं। इस सरकार के दौरान कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू, वित्तमंत्री मनप्रीत बादल और लोक निर्माण मंत्री रजिया सुल्ताना भी हेलीकॉप्टर का उपयोग कर चुकी हैं।

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