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Dera Sacha Sauda Chief Ram Rahim Sentenced In Journalist Chhatrapati Murder Case

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Chhatrapati Murder Case

पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम समेत चार दोषियों को आज सजा सुनाई जाएगी, पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी। 16 साल बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने मर्डर केस में 11 जनवरी को राम रहीम, कृष्ण लाल, निर्मल सिंह और कुलदीप सिंह को दोषी करार दिया।
मामले की संवेदनशीलता व प्रदेश में सुरक्षा व कानून व्यवस्था को देखते हुए सजा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनाई जा रही है। इसे लेकर हरियाणा सरकार ने याचिका लगाई थी, जिसे मंजूर करते हुए बुधवार 16 जनवरी को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने वीसी के जरिए पेशी कराने के आदेश जारी किए।

कृष्ण, निर्मल और कुलदीप को अंबाला सेंट्रल जेल में सजा सुनाई जाएगी और राम रहीम को सुनारिया जेल में ही सजा सुनाई जाएगी। चारों को आईपीसी की धारा 302 और IPC की धारा 120बी के तहत दोषी करार दिया गया है, जबकि आरोपी कृष्ण लाल को 1959 आर्म्स एक्ट के सेक्शन 29 के तहत भी दोषी करार दिया गया है। आरोपी निर्मल सिंह को 1959 आर्म्स एक्ट के सेक्शन 25 के तहत भी दोषी करार दिया गया है।

खट्टा सिंह की गवाही अहम रही
राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह ने गवाही में कहा था कि पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या करने के लिए बाबा ने ही कृष्ण लाल, कुलदीप और निर्मल सिंह को आदेश दिया था। राम रहीम 23 अक्टूबर 2002 को जालंधर के एक सत्संग से सिरसा वापस पहुंचा तो उसे कृष्ण लाल ने अखबार दिखाया, जिसमें साध्वियों के यौन शोषण के बारे में खबर छपी थी। खबर पढ़ते ही राम रहीम तिलमिला उठा और उसने मेरे सामने कृष्ण लाल, कुलदीप और निर्मल को आदेश दिया कि रामचंद्र छत्रपति को मौत के घाट उतार दो। इसके बाद 24 अक्टूबर 2002 को रामचंद्र छत्रपति को उसके घर के बाहर गोलियों से भून दिया गया।

इस तरह अंजाम दिया गया था हत्याकांड साध्वियों का यौन शोषण करने संबंधी चिट्ठी पत्रकार छत्रपति के मर्डर का कारण बनी। छत्रपति ने अपने सांध्य कालीन समाचार पत्र ‘पूरा सच’में इस संबंध में अनाम साध्वी का पत्र प्रकाशित किया था। इस खबर के प्रकाशित होने के बाद राम रहीम के लोग पत्रकार राम चंद्र छत्रपति को धमकियां देने लगे थे।

इसके बावजूद पत्रकार निर्भीक होकर राम रहीम के खिलाफ लिखते रहे। 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति पर हमला कर उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया गया था। 21 नवंबर 2002 को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में रामचंद्र छत्रपति जिंदगी की लड़ाई हार गए, लेकिन उनके बेटे अंशुल छत्रपति ने हार नहीं मानी।

अंशुल ने सीबीआई जांच की मांग के लिए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। नवंबर 2003 में हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की। 2004 में डेरा सच्चा सौदा ने यह जांच रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी, पर सुप्रीम कोर्ट ने यह याचिका खारिज कर दी।

करीब 16 साल इस केस की सुनवाई पंचकूला की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में चली। 31 जुलाई 2007 के मामले में चार्जशीट दाखिल की गई थी। 12 दिसंबर 2008 के सभी आरोपियों पर आरोप तय किए गए। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 46 गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से 21 गवाह पेश किए गए। 2 जनवरी 2019 को हुई सुनवाई के दौरान केस में बहस पूरी हुई।

इसके बाद जज ने फैसला सुरक्षित रख लिया और 11 जनवरी को चारों आरोपियों को दोषी करार दे दिया गया। हत्या के चश्मदीद गवाह रामचंद्र के बेटे अंशुल और अदिरमन थे, जिन्होंने कोर्ट में आंखों देखी बयां की थी। इसके अलावा हत्या के षड्यंत्र के बारे में गवाह खट्टा सिंह ने कोर्ट में बयान दिए थे। साथ ही डॉक्टरों की भी गवाही हुई थी।

5 जिलों में धारा 144, सुनारिया जेल की सुरक्षा 8 लेयर की
हरियाणा के डीजीपी बीएस संधू ने बताया कि फैसले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पूरी चाक-चौबंद है। यदि किसी ने भी कानून का उल्लंघन करने की कोशिश की तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। राम रहीम के खास लोगों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।

सजा पर फैसले के मद्देनजर वैसे तो पूरे प्रदेश में पुलिस सतर्क है, लेकिन पंचकूला, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद और अंबाला में धारा 144 लगाकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रदेश के सभी नाम चर्चा घरों में सत्संग पर रोक है। संवेदनशील जगहों पर पुलिस बल के अलावा आईटीबीपी, आरपीएफ और सीआरपीएफ को तैनात किया गया है।

सुनारिया जेल की आठ लेयर में होगी सुरक्षा
फैसले को देखते हुए पुलिस ने रोहतक में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सुनारिया जेल की सुरक्षा दो से बढ़ाकर आठ लेयर की कर दी गई है। इसके अलावा दो बटालियन आईआरबी नजर रखेगी। 800 पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है। तीन ड्रोन से भी शहर के अलावा आसपास के क्षेत्रों में निगरानी रखी जाएगी।

100 से अधिक पुलिसकर्मियों को रिजर्व में रखा गया है। किसी भी प्रकार के हंगामे से बचने के लिए पुलिसकर्मियों को आंसू गैस के गोले से लेकर मिर्ची गन से लैस किया गया है। इसके अलावा घुड़सवार, राइडर, पीसीआर भी गश्त करती नजर आएगी। साइबर सेल फेसबुक से लेकर व्हाट्सएप तक पर नजर रखेगा।

जेल में जाने वाले हर शख्स की कुंडली खंगाल रही पुलिस
राम रहीम के अनुयायी भी योजना के तहत छोटा-मोटा अपराध करके जेल जा सकते हैं। इस तरह की आशंका के मद्देनजर पुलिस जेल में जाने वाले लोगों का ब्योरा खंगाल रही है। सुनारिया जेल में हाल ही में पहुंचे 15 आरोपियों पर भी पुलिस की नजर है। 15 दिन के अंदर ही उक्त आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचे हैं।

सूत्रों के अनुसार पुलिस को भनक लगी है कि राम रहीम के अनुयायी योजना के तहत जेलों में जा सकते हैं। प्रत्येक जिलों की पुलिस अपनी-अपनी जेलों में अनुयायियों के होने की आशंका को लेकर रिकार्ड जुट रही है। सुनारिया जेल में भी पुलिस ने 15 दिन में जेल के अंदर पहुंचे आरोपियों का ब्योरा एकत्रित किया। 15 लोगों पर पुलिस की नजर है।

वहीं, सुरक्षा के चलते सुनारिया के ग्रामीण खेतों में भी नहीं जा पा रहे है। बुधवार को एक किसान की खेत में जाने से रोकने पर पुलिसकर्मी से नोकझोंक हुई। हालांकि बाद में गांव के गणमान्य लोगों के समझाने पर ग्रामीण किसी तरह माना। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मामले की शिकायत करने का दावा किया है।

पिछले 7 दिन से डेरामुखी के खास लोगों ने छह राज्यों में डाला डेरा
गुरमीत राम रहीम के खिलाफ रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड मामले में वीरवार को फैसला आने वाला है। इस दौरान किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पुलिस ने राम रहीम के नजदीकी 90 लोगों का ब्योरा तैयार किया है। इन सभी की लोकेशन पिछले सात दिन के दौरान देश के सात राज्यों में मिली है।

अधिकारियों के निर्देश पर बनाई गई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों के अनुसार फैसले के बाद किसी तरह के बवाल की आशंका नहीं है, इसके लिए डीजीपी ने हरियाणा के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक को डेरों, नामचर्चा घरों और डेरामुखी के नजदीकी लोगों पर नजर रखने का निर्देश दिया था।

पुलिस की जांच में सामने आया है कि डेरामुखी के करीबी 90 लोग थे, जिनकी लोकेशन महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में मिली। हरियाणा में इनकी लोकेशन रोहतक के अलावा भिवानी, सिरसा, फतेहाबाद, झज्जर, सोनीपत, पानीपत, कैथल, कुरुक्षेत्र में पाई गई है।

यूपी के कई जिलों में भी इनकी लोकेशन मिली है। इन सभी पर सादी वर्दी में पुलिस कर्मचारी लगातार नजर बनाए हुए हैं। विभिन्न गांवों के सरपंच से भी इस संबंध में सहयोग मांगा गया है।

कुछ खास है घर में मगर परिजन कर रहे इनकार
डेरा मुखी के कुछ करीबी अंडरग्र्राउंड हो गए हैं। पुलिस के अनुसार सिरसा में एक डेरामुखी के खास के घर पर पुलिस पहुंची तो उसकी बेटी ने कहा कि पापा कई दिन से घर पर नहीं है। बाद में जांच की गई तो वह घर में ही मिला। बताया कि वह तीन दिन से बुखार से ग्रस्त है।

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