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आरंभ होते ही सबसे पहले कांग्रेस की ओर से पोलिंग एजेंट बनाए गए

आरंभ होते ही सबसे पहले कांग्रेस की ओर से पोलिंग एजेंट बनाए गए

भारत के नए राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए सोमवार को पंजाब विधानसभा में स्थापित मतदान केंद्र में सूबे के कुल 117 विधायकों में से 116 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। आम आदमी पार्टी के विधायक एचएस फूलका ने मतदान नहीं किया, वहीं दो विधायकों की ओर से किया गया मतदान विवाद में घिर गया। इनमें अकाली दल के विधायक और पूर्व वित्त मंत्री परमदिंर सिंह ढींढसा और आम आदमी पार्टी की सहयोगी लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के वोट तकनीकी गड़बड़ी के चलते रद्द होने के आसार हैं। वोटों की गिनती 20 जुलाई को होगी, जिसमें रिटर्निंग अधिकारी ही ढींढसा और बैंस के वोट पर अंतिम फैसला लेंगे।
सोमवार सुबह 10 बजे मतदान आरंभ होते ही सबसे पहले कांग्रेस की ओर से पोलिंग एजेंट बनाए गए विधायक नवतेज चीमा ने अपना वोट डाला। दोपहर 12.15 बजे तक कांग्रेस के सभी विधायकों ने वोट डाल दिए थे। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल, आप के सुखपाल सिंह खैरा समेत विपक्षी दलों के विधायक भी वोट डालने पहुंचे। मतदान के दौरान जैसे ही परमिंदर सिंह ढींढसा वोट डालने लगे, उनके हाथ से पैन छूटकर बैलेट पेपर पर कुछ इस तरह गिरा कि पैन ने उम्मीदवार मीरा कुमार के नाम पर निशान लगा दिया। ढींढसा इस उम्मीदवार को वोट नहीं डालने वाले थे, लेकिन पैन की स्याही बैलेट पेपर पर वहीं लग गई थी।

इस पर उन्होंने चुनाव अधिकारी से नया बैलेट पेपर देने की मांग की, जिसे चुनाव अधिकारी ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि एक वोट के लिए एक बैलेट पेपर की व्यवस्था है। तब ढींढसा ने अपने मनपसंद उम्मीदवार को नाम के आगे टिक मार्क करते हुए प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के नाम के आगे क्रास कर दिया और बैलेट पेपर फोल्ड कर बैलेट बाक्स में डाल दिया। ढींढसा के इस प्रकार वोट डालने को चुनाव प्रक्रिया में गलत माना जाता है और आशंका है कि मतगणना के दौरान ढींढसा का यह वोट रद्द हो सकता है। ढींढसा से वोट डालने में हुई उक्त गड़बड़ी का खुलासा शिअद के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने पत्रकारों से समक्ष किया। उधर, लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस जोकि अपने सहयोगी आप के फैसले के विपरीत भाजपा समर्थित प्रत्याशी को वोट डालने का एलान कर चुके हैं, सोमवार को जब मतदान करने लगे तो उन्होंने बैलेट पेपर को पूरी तरह फोल्ड नहीं किया और अधूरा फोल्ड बैलेट पेपर दोनों हाथों में लेकर प्रदर्शित करने लगे। इस पर चुनाव अधिकारी ने कहा कि सिमरजीत बैंस ने बैलेट पेपर दिखाकर गोपनीयता भंग की है, इसलिए उनका वोट रद्द किए जाने के लिए चुनाव आयोग को लिखित तौर पर सूचना भेजी जा गई है।

मतदान के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए सिमरजीत सिंह बैंस ने कहा कि उन्होंने बैलेट पेपर को दूसरा फोल्ड नहीं लगाया था। मौके पर मौजूद चुनाव अधिकारियों ने यह एतराज किया कि वोट की गोपनीयता नहीं रखी गई, जिस कारण यह वोट रद्द की जानी चाहिए। बैंस ने कहा कि उन्होंने चुनाव अधिकारियों से पूछा था कि अगर गोपनीयता नहीं रही तो फिर वे बताएं कि मैंने वोट किसे दी है, लेकिन चुनाव अधिकारियों ने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया।

बैंस ने कहा कि दरअसल उन्होंने असिस्टेंट रिटर्निंग अधिकारी शशि लखनपाल मिश्रा को चुनाव अधिकारी नहीं लगाए जाने के बारे में उन्होंने चुनाव आयोग के पास शिकायत दी थी। चूंकि शशि मिश्रा के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने केस दर्ज किया हुआ है, ऐसे हालात में उनसे निष्पक्ष चुनाव करवाने की उम्मीद नहीं की जा सकती। बैंस ने कहा कि इसी कारण से उनकी वोट रद्द करवाई जा रही है, जबकि वोट की गोपनीयता को उन्होंने बरकरार रखा है।

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