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राम रहीम जेल में और बाहर से अपडेट हो रहा बाबा का फेसबुक पेज, पुलिस सकते में

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Dera Sacha Sauda

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम जेल में है और बाहर बाबा का फेसबुक पेज अपडेट हो रहा है। वहीं, यह जानकार पुलिस सकते में है। दरअसल, राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में दुष्कर्म की सजा काट रहा है, लेकिन उसकी सात फेसबुक आईडी हर रोज अपडेट की जा रही हैं। एक आईडी पर तो प्रतिदिन दोस्तों की पोस्ट को भी साझा किया जाता है।

वहीं पुलिस अधिकारियों ने इस मामले की जानकारी से इनकार किया है। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सीबीआई की विशेष अदालत ने पंचकूला में 25 अगस्त को रेप का दोषी करार दिया था। 28 अगस्त को जेल में ही अदालत लगाकर गुरमीत को दो मामलों में 10-10 साल की सजा सुनाई थी। यह सजा बीस साल तक चलेगी। जेल में राम रहीम को स्पेशल बैरक में रखा गया है।

राम रहीम के नाम से फेसबुक पर सात आईडी बनाई गईं हैं। जिन पर प्रतिदिन अपडेट दिया जा रहा है। बीती 31 मई को बाबा रहीम रहीम की फेसबुक आईडी से मोहनदास द्वारा डाली गई पोस्ट को साझा किया गया था। इसके अलावा राम रहीम के नाम से बनाई गई आईडी पर हम ही है बाबा नंबर वन की पोस्ट भी डाली गई है। राम रहीम की दो फेसबुक आईडी पर तो चार हजार से अधिक लोग जुड़ चुके हैं।

वहीं इन फेसबुक आईडी पर तरह-तरह के फोटो लगाए गए हैं। नियमित रुप से आईडी अपडे़ट होने के बाद भी पुलिस व जेल प्रशासन मौन है। हालांकि किसी की फेक आईडी बनाना भी आईटी एक्ट के तहत अपराध होता है। अब जेल से ही फेसबुक को अपडेट किया जा रहा है या फिर कोई अन्य इसे अपडेट कर रहा है यह पुलिस की जांच में ही स्पष्ट हो सकेगा।

रामरहीम के नाम से फेसबुक पर आईडी बनाने का मामला संज्ञान में नहीं है। जांच कराई जाएगी।
– जशनदीप सिंह रंधावा, एसपी रोहतक

राम रहीम से लेकर हनीप्रीत के डाले गए हैं फोटो

राम रहीम के नाम से फेसबुक पर बनाई गई आईडी पर कई फोटो डाले गए हैं। हनीप्रीत के भी आईडी पर कई फोटो डाले गए हैं। एक आईडी पर तो प्रतिदिन तरह तरह की पोस्ट शेयर की जा रही है।

फर्जी आईडी बनाना है अपराध

जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता करण सिंह का कहना है कि फेसबुक पर यदि किसी के नाम की फर्जी आईडी बनाई जाती है है तथा पीड़ित या फिर उसके परिवार का सदस्य पुलिस से शिकायत करता है तो यह आईटी एक्ट के तहत अपराध माना जाता है। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी व आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। आईटी एक्ट में तीन साल तक की सजा व दो लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

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