हरियाणा के मेवात और मोरनी हिल्स में स्वेच्छा से तबादला कराने वाले शिक्षकों को सरकार बीस प्रतिशत अधिक वेतन देगी। यह वेतन बेसिक सैलरी व डीए से 20 फीसदी ज्यादा होगा। मेवात कैडर और मोरनी की पहाड़ियों में स्थित प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों को तैनाती के लिए प्रोत्साहित करने के मद्देनजर सरकार यह कदम उठाने जा रही है।
सरकार की ओर से जेबीटी व भाषा अध्यापकों के लिए तैयार किए गए अंतर जिला तबादला नीति के ड्राफ्ट में भी इसका प्रावधान किया गया है। नीति के तहत अन्य जिलों और कैडर में तैनात शिक्षक ही भाग ले सकेंगे। मेवात कैडर के आधार पर चयनित शिक्षक इस नीति के ट्रांसफर ड्राइव का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।
सरकार ने तबादला नीति के ड्राफ्ट में संशोधन के लिए अध्यापक यूनियनों और शिक्षकों से आपत्तियां भी मांगी हैं। 28 फरवरी तक सभी अपने सुझाव व आपत्तियां सरकार को भेज सकते हैं। मेवात कैडर के पुराने जेबीटी व हरियाणा के बाकी नव चयनित जेबीटी भी अंतर जिला स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
शिक्षक नेता ने यह दिए सुझाव
हरियाणा प्राथमिक अध्यापक संघ के पूर्व महासचिव दीपक गोस्वामी ने नीति में बदलाव के लिए कुछ सुझाव दिए हैं। उन्होंने कहा है कि तबादला उम्र से नहीं सर्विस से हो। वरिष्ठता सूची बने, मेवात को प्राथमिकता दी जाए, बीमार माता पिता के भी नंबर जोड़ें, विदुर शिक्षकों को भी प्राथमिकता मिले, एक्स सर्विस मैन को भी प्राथमिकता दी जाए, 30 प्रतिशत से जायदा महिला शिक्षिक कपल केस में हैं, इससे 5 साल से जायदा दूसरे जिलों में काम करने वाले पुरुष शिक्षकों को कम मौका मिलेगा, ऐसे में इस शर्त को खत्म किया जाए, हर वर्ष का 1 नंबर निर्धारित हो, गृह जिला शिक्षक का खुद का गृह जिला माना जाए। सबसे पहले वैकेंट पोस्ट जारी हो, एक बार रोस्टर को छोड़ दिया जाए।
ये है नीति का ड्राफ्ट
. हर शिक्षक तीन जिलों की चॉयस भर सकता है। प्रथम चॉयस को गृह जिला समझा जाएगा व तबादला होने पर उसकी सीनियोरिटी लूज होगी। बाद के चॉयस जिलों में तबादला होने पर डेपुटेशन मानकर सीनियोरिटी में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा ।
. आयु के लिए अधिकतम 60 अंक रखे गए हैं। शिक्षक की स्वयं अथवा बच्चों की शारीरिक विकलांगता, कपल केस, विधवा, तलाकशुदा व 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित लड़की आदि के लिए कुल मिलाकर 20 का प्रावधान है।
. कैंसर, हार्ट सर्जरी, डायलिसिस, अन्य किडनी रोगों से पीड़ित शिक्षकों का उनके गृह जिले में तबादला किया जाएगा। रोस्टर सिस्टम व जिले में वेकैंसी न होना तबादले में आड़े नहीं आएगा।
. जिले में अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग ए और बी श्रेणियों के शिक्षकों के निर्धारित अनुपात को कायम रखा जाएगा।
. रेशनलाइजेशन के आधार पर मैटरनिटी लीव, चाइल्ड केयर लीव व एकेडमिक कार्यों के लिए लीव पर गए अध्यापकों की रिजर्व सीटों को आधार मानकर तबादलों के लिए वैकेंट पोस्ट का निर्धारण किया जाएगा।
